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Freedom Movement

कुछ क़ैद में पड़े हैं, हम क़ब्र में पड़े हैं, दिन ख़ून का हमारे प्यारो न भूल जाना…

ये नज़्म “शहीदों के सन्देश” के नाम से एक नामालूम इंक़लाबी शायर ‘प्रेमी’ ने 1930 में लिखा था, जो दिल्ली…

ऐ पुलिस वालों सितम करना, सताना छोड़ दो…. भाइयों के हलक़ पर ख़ंजर चलाना छोड़ दो

साल 1919 में रॉलेट एक्ट के विरोध में पुरे भारत में आंदोलन शुरू हुआ, पुलिस के हाथों हज़ारो लोग शहीद…

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