शाह वलीउल्लाह : जिन्होंने हिंदुस्तान में इंक़लाब की बुनियाद रखी

18वीं सदी की शुरुआत में मुल्क कंधार से असम तक तो नेपाल से मालाबार तक फैला हुआ था, लेकिन औरंगज़ेब के वफ़ात के बाद मुल्क किसी किताब के पन्ने की तरह अलग होने लगा। जिस अंग्रेज़ को दरबार में झुकना पड़ता था उसी अंग्रेज़ के वज़ीफ़ा पर दिल्ली की हुकूमत टिक गयी थी, 18वीं सदी … Continue reading शाह वलीउल्लाह : जिन्होंने हिंदुस्तान में इंक़लाब की बुनियाद रखी