आज़ादी से पहले 8 मुसलमान कांग्रेस के सदर यानी अध्यक्ष बने हैं इनमे सबसे पहला नाम ‘बदरुद्दीन तैयबजी’ का आता है जो 1887 मे मद्रास सेशन में कांग्रेस के सदर चुने गए.. और सबसे आख़िर नाम मौलाना अबुल कलाम का आता है जो दो बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। पहली बार 1923 में जब वह केवल पैंतीस साल के थे, और दूसरी बार 1940 में वह कांग्रेस के अध्यक्ष 1946 तक बने रहे..

1:- बदरुद्दीन तैयबजी 1887 मे मद्रास सेशन में कांग्रेस के सदर चुने गए

2:- रहमातुल्लाह एम सियानी 1896 मे कलकत्ता सेशन में कांग्रेस के सदर चुने गए

3:- नवाब सैयद मोहम्मद बहादुर 1913 मे कराची सेशन में कांग्रेस के सदर चुने गए

4:- सैयद हसन इमाम 1918 मे बम्बई सेशन में कांग्रेस के सदर चुने गए

5:- हकीम अजमल खान 1921 मे अहमदाबाद के सेशन में कांग्रेस के सदर चुने गए

6:- मौलाना मोहम्मद अली जौहर 1923 मे कोकनाड़ा सेशन में कांग्रेस के सदर चुने गए

7:- मौलाना अबुल कलाम आजाद भी 1923 मे दिल्ली के स्पेशल सेशन में कांग्रेस के सदर चुने गए

8:- ड़ॉ मुख़तार अहमद अंसारी 1927 मे मद्रास सेशन में कांग्रेस के सदर चुने गए

मौलाना अबुल कलाम आजाद को दो बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिये चुना गया। पहली बार 1923 में जब वह केवल पैंतीस साल के थे, और दूसरी बार 1940 में वह कांग्रेस के अध्यक्ष 1946 तक बने रहे क्योंकि इस अवधि में कोई चुनाव नहीं हुआ, क्योंकि लगभग हर कांग्रेसी नेता भारत छोड़ो आन्दोलन (1942) के कारण जेल में था।