25 अक्तुबर 1147 :- विश्व इतिहास को बदल देने वाली एक ऐतिहासिक तारीख़

24 दिसम्बर 1144 को क्रुसेडर राज्य County of Edessa की हार से खखुआए हुए Pope Eugene III ने 1147 मे सलीबी जंग(क्रुसेडर) का एलान कर दिया। 53 राज्य की मदद से क्रुसेडर द्वारा 1147 मे शुरु की गई ये एकतरफ़ा मज़हबी जंग देखते ही देखते दोतरफ़ा हो गई और खुल गए 12 मोर्चे, सलजुक़ इसे लीड कर रहे थे।

जर्मनी और फ़्रांस के बादशाह की क़यादत में लाखो फ़ौज मुसलमानों का ख़ात्मा करने के लिये योरोप से एशिया रवाना हुई।

तीन साल चलने वाली इस मज़हबी जंग मे एक वक़फ़ा एैसा आता है के वो आगे की हज़ार साल की तारीख़ को तैय करने वाला था। वो तारीख़ है 25 अक्तुबर 1147 की। इस तारीख़ को Siege of Lisbon होता है, मने पुर्तगाल मे चल रहे 400 साल पुराने मुरिश हुकुमत को क्रुसेडर द्वारा उखाड़ फेका जाता है, जो फिर वहां कभी आबाद नही हो पाते हैं; और ये दुसरी सलीबी जंग मे क्रुसेडर की एकलौती जीत थी।

इसी तारीख़ 25 अक्तुबर 1147 को एक जंग होती है The second Battle of Dorylaeum जहां स्लजूक़ी तुर्कों ने जर्मनी के बादशाह Conrad III की क़ियादत में चल रहे क्रुसेडर फ़ौज को बुरी तरह शिकस्त दी, स्लजूक़ी तुर्कों की जानिब से Mesud I कमांडर की हैसियत से थे। इस जंग के बाद जर्मन बिलकुल ही कमज़ोर हो गए उनके अधिकतर सिपाही क़त्ल कर दिए गए जिसके बाद जर्मन बादशाह Conrad III ने कहा आओ अब लौट चलें। और इस तरह दूसरी सुलेबी जंग(क्रुसेडर) तक़रीबन नाकाम हो गई, क्युंके इसके बाद फ़्रांस के बादशाह Louis VII की क़यादत वाली फ़ौज का एक बड़ा हिस्सा स्लजूक़ीयों के हाथों कई महाज़ पर तबाह हुआ।

दूसरी सुलेबी जंग का फ़ायदा क्रुसेडर को तो नही हुआ पर इसने सलाहउद्दीन अय्युबी के लिए रास्ता ज़रुर खोल दिया और इस के बाद उनकी ही क़यादत मे 2 अक्तुबर 1187 को बैतुल मुक़द्दस(येरुशलम) फ़तह होता है और मस्जिद ए अक़सा आबाद होती है।

बाक़ी इस पुरे वाक़िये को इस शेर के साथ ख़त्म किया जाता है :-

जहां मे अहल ए ईमां सुरत ए ख़ुरशीद जीते हैं,
इधर डूबे उधर निकले उधर डूबे इधर निकले.


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Md Umar Ashraf

Md. Umar Ashraf is a Delhi based historian, who after pursuing a B.Tech (Civil Engineering) started heritagetimes.in to explore, and bring to the world, the less known historical accounts. Mr. Ashraf has been associated with the museums at Red Fort & National Library as a researcher. With a keen interest in Bihar and Muslim politics, Mr. Ashraf has brought out legacies of people like Hakim Kabeeruddin (in whose honour the government recently issued a stamp). Presently, he is pursuing a Masters from AJK Mass Communication Research Centre, JMI & manages heritagetimes.in.

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