Archive

Month: December 2018

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली : जिसने भारत की आज़ादी के लिये लड़ने वाले निहत्थे पठानों पर गोली चलाने से मना कर दिया था।

Mahendra Vist वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली (25 दिसम्बर, 1891 – 1 अक्टूबर 1979) को भारतीय इतिहास में पेशावर कांड के…

पंडित गेंदालाल दीक्षित :- जिसने चंबल के डकैतों को भारत की आज़ादी के लिए बलिदान देने को प्रेरित किया।

विक्रम सिंह डाला जिन्हें अपनों ने ही ठुकराया प्रायः ऐसा कहा जाता है कि मुसीबत में अपनी छाया भी साथ…

भारत का वो अज़ीम मौलाना जिसकी आवाज़ मग़रिब से लेकर मशरिक़ तक ने सुनी!

हिन्दुस्तान की सरज़मीं पर बड़े बड़े उल्मा पैदा हुए, लेकिन उनका नाम दीनदारों के तबक़े तक महदूद रहा, बड़े बड़े…

अलविदा प्रोफ़ेसर मुशीरूल हसन :- नहीं रहे प्रसिद्ध इतिहासकार और जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति

  जाने-माने इतिहासकार और जामिया के पूर्व वाइस-चांसलर पद्मश्री मुशीरुल हसन का 69 वर्ष की उम्र में निधन हो गया।…

बाबरी विध्वंस: राष्ट्रीय शोक दिवस, आडवाणी की गिरफ़्तारी व लालू की धर्मनिरपेक्ष राजनीति की प्रासंगिकता

जयन्त जिज्ञासु पिछले कुछेक बरसों में इस देश की साझा विरासत को जिस तरह कुचला गया है, दंगाई माहौल में…

जब शायर ए इंक़िलाब जोश मलीहाबाद ने कहा मेरा नारा ‘इंक़िलाब -इंक़िलाबो इंक़िलाब’

‘शब्बीर हसन जोश’ या ‘जोश मलीहाबादी’ को शायर-ए-इंक़लाब भी कहा जाता है. तरक़्क़ीपसंद तहरीक और मार्क्सवाद से प्रभावित जोश ने…

Close
Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com