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Month: August 2018

कवि नज़रुल इस्लाम : मस्जिद में अज़ान देने वाला शख़्स जो बांग्लादेश का राष्ट्र कवि बना!

कवि नज़रुल इस्लाम, जिन्हें विद्रोही कवि भी कहा जाता है! बचपन में जब नज़रुल इस्लाम एक मस्जिद में अज़ान देते…

अल्लामा मुहम्मद इनायतउल्लाह ख़ान मशरिक़ी : नोबल प्राईज़ ठुकराने वाला महान क्रांतिकारी

20वीं सदी के अज़ीम लीडर, बेबाक मुबल्लिग़, दानिश्वर, मुफ़क्किर क़ुरान और बहुत बड़े स्कॉलर जिन्होंने एशिया और यूरोप की यूनिवर्सिटी…

इस लिए मेरी किताब “चम्पारण 1917” में गांधी स्पेशल एपियरेंस की तरह ही हैं, नायक की भूमिका में नहीं.

  Pushya Mitra  आज राजकुमार शुक्ल की जयंती है. 143वीं. राजधानी पटना में आज एक संस्था उनपर केंद्रित आयोजन कर…

गुलाब सिंह लोधी : तिरंगा की ख़ातिर शहीद होने वाले महान क्रांतिकारी

कुलविंदर चौधरी गुलाब सिंह लोधी भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम भारत के महान स्वतन्त्रता सेनानी थे जिन्होने अपने प्राणों की बाज़ी अपनी…

मौलाना सैयद अताउल्लाह शाह बुख़ारी : जिनके जीवन का तीन हिस्सा रेल में और एक हिस्सा जेल में कटा

शाह जी का नानिहाल पटना था, पटना में ही उनकी विलादत 23 सितम्बर 1892 को हुई, चार साल के थे…

लीबिया के बागियों का सरदार उमर मुख़्तार जिससे परेशान हो कर मुसोलिनी को एक ही साल में चार जनरल बदलने पड़े.

  Sharjeel Usmani  सन 1929 में इटली जब लीबिया पर अपना कब्ज़ा करने की लगातार कोशिश कर रहा था तब…

महामना रामस्वरुप वर्मा : सामाजिक न्याय की लड़ाई का सबसे बड़ा योद्धा एवं अम्बेडकर का सच्चा सिपाही

Prashant Nihal जिसमें समता की चाह नहीं , वह बढिया इन्सान नहीं I समता बिना समाज नहीं, बिन समाज जनराज…

दशरथ मांझी या दशरथ दास :- दशरथ से उनके गांव जाकर मिलने वाले पहले पत्रकार की ज़ुबानी

अरूण सिंह पिछले दो दिनों से दशरथ मांझी फिर से सुर्ख़ियों में हैं। लेकिन अपने काम की वजह से नहीं…

जब अंग्रेज़ों के ज़ुल्म का शिकार हुए बाढ़ के लोग, गोली बारी में क़त्ल कर दिये गए थे कई ..

MD Umar Ashraf 8 अगस्त 1942 को कांग्रेस के मुम्बई सेशन में जैसे ही युसुफ़ जाफ़र मेहर अली ने “अंग्रेज़ो…

मदनलाल ढ़ींगरा को अंग्रेज़ अफ़सर विलियम हट कर्जन वायली के हत्या करने के आरोप में 25 वर्ष की उम्र में फांसी पर चढ़ा दिया गया था.

    क्रन्तिकारी मदनलाल ढींगरा का जन्म 18 सितम्बर सन् 1883 को पंजाब प्रान्त के एक सम्पन्न हिन्दू परिवार में…

न दबाया ज़ेरे-ज़मीं उन्हें, न दिया किसी ने कफ़न उन्हें – न हुआ नसीब वतन उन्हें, न कहीं निशाने-मज़ार है.

न दबाया ज़ेरे-ज़मीं उन्हें, न दिया किसी ने कफ़न उन्हें न हुआ नसीब वतन उन्हें, न कहीं निशाने-मज़ार है. ये…

हिन्दुस्तानी सरकार के पहले प्रधानमंत्री मौलाना बरकतउल्लाह भोपाली

  सुनील दत्ता ज्यादातर लोग जानते है की ब्रिटिश शासन के दौर में बनी पहली हिन्दुस्तानी सरकार आज़ाद हिन्द फ़ौज…

खुदीराम बोस : भारतीय इतिहास मे सबसे कम उम्र का बलिदानी

अशोक पुणिया  आज 11 अगस्त बलिदान-दिवस भारत तरुण महान क्रांतिकारी अमर बलिदानी खुदीराम बोस का,भारतीय स्वतन्त्रता के इतिहास में अनेक…

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