एंग्लो-इंडियन ट्रैवलर, सर्जन और उद्यमी शेख दीन मोहम्मद जिन्होंने यूरोप में भारतीय व्यंजन और शैम्पू की शुरुआत की थी, गूगल-डूडल उन्हें याद कर रहा है. 1759 में पटना में जन्मे शेख दीन मोहम्मद के पिता ईस्ट इंडिया कंपनी में काम करते थे. शेख ने शैम्पू में इस्तेमाल होने वाले रसायनों के बारे में सीखा. पटना में पले-बढ़े शेख के पिता बहुत पहले ही इस दुनिया के अलविदा कह गए. पिता के जाने के बाद 10 साल की अवस्था में शेख को विंग कैप्टन गोडफ्रे इवन बेकर ने अपना लिया.

शेख ने भारत और इंग्लैंड के बीच सांस्कृतिक संबंधों पर काम कर नाम बनाया. वह पहले भारतीय लेखक थे जिन्होंने अंग्रेजी में एक पुस्तक प्रकाशित की और इंग्लैंड में एक भारतीय रेस्तरां खोला.1809 में लंदन के पोर्टमैन स्क्वेयर पर क्लब की स्थापना शेख दीन मोहम्मद ने की थी और नाम रखा ‘हिंदुस्तानी डिनर एंड हुक्का स्मोकिंग क्लब’. शेख भारत से इंग्लैंड जाने वाले प्रवासियों में से एक थे. रेस्त्रा खुलने के तीन साल बाद 1812 में दिवाला निकलने के कारण बंद हो गया. रेस्तरां के नए मालिकों ने बाद में उसे हिंदुस्तानी कॉफी हाउस नाम से 20 सालों तक और चलाया, लेकिन 1833 में वह फिर से बंद हो गया.

रेस्तरां खोलने से पहले, शेख दीन मोहम्मद ने लंदन में नबॉब बेसिल कोचरन के लिए काम किया, जिन्होंने पोर्टमैन स्क्वायर में अपने घर में सार्वजनिक उपयोग के लिए भाप स्नान स्थापित किया था और इसके चिकित्सा लाभों को बढ़ावा दिया था. शेख ने यूरोप में शैम्पू की शुरुआत की थी. 1794 में शेख ने अपनी यात्रा पुस्तक, द ट्रेवल्स ऑफ दीन मोहम्मद प्रकाशित की. किताब की शुरुआत चंगेज खान, तैमूर और विशेष रूप से पहले मुगल सम्राट बाबर की प्रशंसा के साथ होती है. यह भारत के कई महत्वपूर्ण शहरों और स्थानीय भारतीय रियासतों के साथ सैन्य संघर्षों की एक श्रृंखला का वर्णन करता है.18 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में लिखी गई अन्य यात्रा वृतांतों से पुस्तक के कुछ अंशों का गहरा विरोध हुआ.

1784 में महोमेद बेकर परिवार के साथ कॉर्क (आयरलैंड) चले गए. वहां उन्होंने एक स्थानीय स्कूल में अपनी अंग्रेजी भाषा में सुधार के लिए अध्ययन किया. इस दौरान उन्हें जेन डेली से साथ प्यार हो गया, जो सम्मानीय पेरेंटेज की सुंदर आयरिश लड़की थी. परिवार उनके रिश्ते के विरोध में था, और इस प्रकार यह जोड़ा 1786 में शादी करने के लिए दूसरे शहर में चला गया. उस समय प्रोटेस्टेंट के लिए गैर-प्रोटेस्टेंट से शादी करना गैरकानूनी था, इसलिए शेख ने धर्म बदल लिया. मोहम्मद और उनकी पत्नी जेन के सात बच्चे थे. शेख दीन मोहम्द की मृत्यु 1851 में 32 ग्रैंड परेड, ब्राइटन में हुई. उन्हें सेंट निकोलस चर्च, ब्राइटन में एक कब्र में दफनाया गया.

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