चौरी चौरा : इतिहास और स्मृति के गलियारे से

Shubhneet Kaushik इतिहासकार शाहिद अमीन की किताब ‘इवैंट, मेटाफर, मेमोरी चौरी चौरा 1922-1992’, महज़ असहयोग आंदोलन के दौरान 1922 में चौरी चौरा में थाने को आग लगाने की घटना के बारे में नहीं है। और न ही यह भारतीय इतिहास के राष्ट्रवादी आख्यान के साँचे में फिट न बैठ पाने वाले एक ऐतिहासिक क्षण का … Continue reading चौरी चौरा : इतिहास और स्मृति के गलियारे से